Story in Hindi of Moral- उदयपुर नामक गांव में एक शिवम नाम का प्यारा सा लड़का अपने मां के साथ रहता था। वह 3 वर्ष का था। शिवम की मां की एक आंख नहीं थी। जिससे शिवम की मां का चेहरा बदसूरत दिखता था। जब शिवम छोटा था, तब वह अपनी मां से बहुत प्यार करता था। लेकिन जब वह समय के अनुसार बड़ा होने लगा तो उसे महसूस होने लगा कि मां की एक आंखें नहीं है। और वह बदसूरत दिखती है। जिसको लेकर वह अपने मां से चिड़चिड़ा रहता था।
इस बात से समाज से उसको शर्म आने लगी। और इसी कारण से वह अपने मां के साथ बाहर नहीं जाता था। और न हीं अपने मां को अपने साथ कहीं लेकर जाता था। वह लगता था अगर मां को अपने साथ लेकर कही गए तो उसके दोस्त उसको चिढ़ायेंगे। इसी वजह से शिवम अपने मां को भला बुरा कहता था।
तुम्हारी एक आंख नहीं है, तुम्हारी शक्ल अच्छी नहीं है, तुम कैसी दिखती हो। मेरी दोस्तों की मां बहुत अच्छी दिखती है, तुम मेरी मां नहीं हो सकती। बेचारी शिवम की मां अपने बेटे की इस व्यवहार से काफी दुखी रहती थी। अपने ही बेटे की ऐसी बात सुनकर मां का दिल बैठ जाता था।
एक दिन की बात है शिवम अपना लंच बॉक्स लिए बिना ही स्कूल चला गया। जब मां को ध्यान आया की शिवम लंच बॉक्स घर पर छोड़ कर चला गया है,तो शिवम दिन भर भूखा ना रहे, इसलिए मां ने लंच बॉक्स लेकर स्कूल चल दिया।
अचानक शिवम स्कूल में अपनी मां को देखकर अपने दोस्तों के सामने बेइज्जती महसूस करने लगा।और उसे अपनी मां पर बहुत ज्यादा गुस्सा आने लगा। शाम को घर जाकर माँ को गुस्से से बोलता है- “मैंने तुम्हें कितनी बार बोला है कि ऐसे स्कूल में मेरे दोस्तों के सामने ना आया करो मेरी बेइज्जती होती है। … Read Continue
